विषय

गेस्टेशनल डायबिटीज़

24–28 सप्ताह स्क्रीनिंग · नैदानिक लक्ष्य · आहार, व्यायाम, इंसुलिन

गेस्टेशनल डायबिटीज़ मेलिटस (GDM) गर्भावस्था में पहली बार पहचानी गई ग्लूकोज़ असहिष्णुता है। यह 5–10% गर्भधारण को प्रभावित करती है। निगरानी और उपचार से अधिकांश गर्भधारण अच्छी तरह आगे बढ़ते हैं। मानक स्क्रीनिंग 24–28 सप्ताह पर है।

क्यों होती है

प्लेसेंटा हार्मोन (एस्ट्रोजन, कॉर्टिसोल, ह्यूमन प्लेसेंटल लैक्टोजन) देर-गर्भावस्था में इंसुलिन प्रतिरोध बढ़ाते हैं। यदि मातृ पैनक्रिएटिक इंसुलिन उत्पादन भरपाई न कर सके, तो रक्त ग्लूकोज़ बढ़ता है। अधिकांश मामले प्रसव के बाद समाप्त होते हैं, पर आजीवन टाइप-2 डायबिटीज़ जोखिम लगभग सात गुना बढ़ता है।

जोखिम कारक

  • BMI ≥ 25
  • आयु 35+
  • डायबिटीज़ का पारिवारिक इतिहास
  • पूर्व GDM
  • पिछला शिशु ≥ 4 किलो
  • PCOS
  • जुड़वा गर्भावस्था

स्क्रीनिंग

दो आम तरीके:

  • दो-चरण (US मानक): 50 g गैर-फास्टिंग → 1-घंटे रक्त नमूना। यदि ≥ 140 mg/dL, तो 100 g 3-घंटे OGTT पर आगे बढ़ें।
  • एक-चरण (75 g): फास्टिंग → 75 g → 1-घंटे और 2-घंटे के नमूने।

100 g 3-घंटे OGTT नैदानिक कटऑफ

इनमें से किसी भी पर/के ऊपर दो या अधिक मान GDM की पुष्टि करते हैं:

  • फास्टिंग: ≥ 95 mg/dL
  • 1 घंटा: ≥ 180 mg/dL
  • 2 घंटे: ≥ 155 mg/dL
  • 3 घंटे: ≥ 140 mg/dL

आहार

  • कार्बोहाइड्रेट वितरण: कैलोरी का 40–50%, 3 भोजन + 2–3 स्नैक में बँटा।
  • साधारण शर्करा सीमित करें: चीनी, जूस, मिठाइयाँ, शहद, सिरप।
  • कम-GI चुनें: साबुत अनाज, बीन्स, सब्ज़ियाँ, मेवे।
  • कार्ब को प्रोटीन के साथ जोड़ें: हर भोजन में लीन मीट, अंडे, बीन्स।
  • फाइबर जोड़ें: सब्ज़ियाँ, फल, साबुत अनाज।
  • नाश्ता सबसे कठिन है: सुबह के हार्मोन ग्लूकोज़ ऊँचा रखते हैं — कार्ब न्यूनतम रखें।

स्व-निगरानी लक्ष्य

निदान के बाद, निर्देशानुसार दिन में 4–7 बार परीक्षण करें।

  • फास्टिंग: ≤ 95 mg/dL
  • भोजन के 1 घंटे बाद: ≤ 140 mg/dL
  • भोजन के 2 घंटे बाद: ≤ 120 mg/dL

दवा

यदि आहार और व्यायाम लक्ष्य चूक जाएँ, तो इंसुलिन (प्लेसेंटा पार नहीं करती — सबसे सुरक्षित) या मेटफॉर्मिन (चिकित्सक निर्णय से) जोड़ी जाती है।

शिशु और माँ पर प्रभाव

  • मैक्रोसोमिया (≥ 4 किलो): कठिन प्रसव और उच्च C-सेक्शन दर।
  • नवजात हाइपोग्लाइसीमिया: पहले 24 घंटों में निगरानी।
  • पीलिया: अधिक आम।
  • उच्च गेस्टेशनल हाइपरटेंशन/प्रीक्लेम्पसिया जोखिम
  • दीर्घकालिक: मातृ टाइप-2 डायबिटीज़ जोखिम और बचपन में मोटापे/डायबिटीज़ जोखिम दोनों बढ़ते हैं।

प्रसवोत्तर

अधिकांश मामले जन्म के बाद समाप्त होते हैं। प्रसव के 6–12 सप्ताह बाद 75 g OGTT से पुनः जाँच, फिर जीवन भर हर 1–3 साल में नियमित डायबिटीज़ स्क्रीनिंग।

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पाठ्यपुस्तक औसत। व्यक्तिगत भिन्नता व्यापक है और यह चिकित्सा सलाह नहीं है — अपने OB से पुष्टि करें।